Science
बीएमएचआरसी में रोबोटिक सर्जरी की तकनीक का डेमो:सर्जनों ने दा विंची सर्जिकल सिस्टम की तकनीक का लिया अनुभव
August 24, 2026
2,755 views
देहरादून। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार आज के दौर में विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी बुनियाद बन चुके हैं। राज्य सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि उत्तराखंड में देश की पांचवीं साइंस सिटी स्थापित की जाएगी। यह परियोजना न केवल राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बनेगी।
साइंस सिटी का निर्माण उत्तराखंड में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। यह परियोजना विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधानों, तकनीकी विकास और नवाचारों को एक मंच पर लाने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार ही विकास की आधारशिला है और यह साइंस सिटी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, जो अंततः आर्थिक विकास में सहायक होगा।
यह साइंस सिटी न केवल शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए बल्कि छात्रों और युवा वैज्ञानिकों के लिए भी एक अद्वितीय अवसर प्रदान करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्रिय रूप से शामिल करने से उत्तराखंड का विकास तेजी से होगा। मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि युवा वैज्ञानिकों को उचित मार्गदर्शन और अवसर मिल सकें।
साइंस सिटी की स्थापना से न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय उद्योगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। इससे राज्य में तकनीकी और वैज्ञानिक कुशलता में वृद्धि होगी, जो अंततः राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
भारत में पहले ही कई राज्य अपनी-अपनी साइंस सिटीज स्थापित कर चुके हैं, जैसे कि गुजरात, पंजाब, और महाराष्ट्र। उत्तराखंड की इस परियोजना को अन्य राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा करने के लिए, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। यह साइंस सिटी न केवल अनुसंधान के लिए एक केंद्र बनेगी, बल्कि यह विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलनों का आयोजन भी करेगी।
साइंस सिटी की योजना में कई प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें अनुसंधान केन्द्र, प्रयोगशालाएँ, इनक्यूबेशन सेंटर, और उद्योगों के लिए समर्पित स्थान शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में आधारभूत संरचना का विकास किया जाएगा। इसके बाद, विभिन्न विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधी गतिविधियों को शुरू किया जाएगा।
उत्तराखंड में साइंस सिटी की स्थापना न केवल राज्य की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है, बल्कि यह देश के अन्य हिस्सों के लिए एक उदाहरण भी स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में इस दिशा में उठाए गए कदम राज्य की नई पीढ़ी को सशक्त बनाएंगे और आर्थिक विकास की गति को तेज करेंगे। यह परियोजना निश्चित रूप से उत्तराखंड को एक विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।