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तबाही के बीच \'सुपरहीरो\' बनेगा यह कीड़ा! बिना थके, बिना रुके सूंघ लेगा मौत का सामान; जानें कैसे करता है काम

March 26, 2026 652 views 1 min read
तबाही के बीच \'सुपरहीरो\' बनेगा यह कीड़ा! बिना थके, बिना रुके सूंघ लेगा मौत का सामान; जानें कैसे करता है काम
तबाही के बीच 'सुपरहीरो' बनेगा यह कीड़ा! बिना थके, बिना रुके सूंघ लेगा मौत का सामान; जानें कैसे करता है काम

जापान के वैज्ञानिकों ने आपदा प्रबंधन की दुनिया में एक ऐसा क्रांतिकारी रोबोट बनाया है, जो मलबे में दबे लोगों की जान बचाने के लिए रेशम के कीड़े (Silkworm) की सूंघने की शक्ति का इस्तेमाल करेगा. यह रोबोट आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के नीचे दबे लोगों की गंध पहचान कर उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है. यह रोबोट न केवल आपदा प्रभावित लोगों की मदद करेगा, बल्कि उनके जीवन को बचाने में भी अहम भूमिका निभाएगा.

सूंघने की शक्ति से जुड़े रोबोट का निर्माण

जापान के वैज्ञानिकों ने रेशम के कीड़े की सूंघने की शक्ति को समझकर एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के नीचे दबे लोगों की गंध पहचान कर उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है. यह रोबोट जापान के टोक्यो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने डिज़ाइन किया है और इसे "Odour-Tracking Robot" नाम दिया गया है. इस रोबोट की खासियत यह है कि वह बिना थके, बिना रुके सूंघता रह सकता है और मौत का सामान तक पहचान सकता है.

कैसे काम करता है यह रोबोट?

Odour-Tracking Robot में एक विशेष सेंसर लगा हुआ है, जो रेशम के कीड़े की सूंघने की शक्ति को समझने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह सेंसर मलबे के नीचे दबे लोगों की गंध को पहचान सकता है और उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है. यह रोबोट मलबे के नीचे दबे लोगों की स्थिति को समझने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का भी उपयोग करता है. इसके अलावा, यह रोबोट न केवल मलबे के नीचे दबे लोगों की गंध को पहचान सकता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य की जांच भी कर सकता है.

आपदा प्रबंधन में क्या है इसका महत्व?

Odour-Tracking Robot आपदा प्रबंधन में एक क्रांतिकारी कदम है. यह रोबोट मलबे के नीचे दबे लोगों की गंध पहचान करके उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिलती है. इसके अलावा, यह रोबोट आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के नीचे दबे लोगों की सुरक्षित निकासी को सुनिश्चित करने में भी मदद कर सकता है. इससे आपदा प्रभावित लोगों को तेजी से और सुरक्षित रूप से उनकी मदद मिल सकती है.