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Kidney Cancer Silent Symptoms: ये हैं किडनी कैंसर से पहले दिखने वाले लक्षण!... शरीर में दिखते हैं ये बदलाव, तो आपके जीवन के लिए है खतरा

March 20, 2026 201 views 1 min read
Kidney Cancer Silent Symptoms: ये हैं किडनी कैंसर से पहले दिखने वाले लक्षण!... शरीर में दिखते हैं ये बदलाव, तो आपके जीवन के लिए है खतरा
किडनी कैंसर: साइलेंट सिम्प्टम्स और उनके लक्षण

किडनी कैंसर, जिसे प्री-डायलिसिस नेफ्रोपैथी भी कहा जाता है, एक प्रकार का कैंसर है जो आपके फेफड़ों के दो गुर्दे कोशिकाओं के असामान्य विकास के कारण होता है। यह शरीर में किडनी की कोशिकाओं के असामान्य विकास के कारण गुर्दे के कार्यों में गड़बड़गी का कारण बन सकता है। यह आम तौर पर गुर्दे के कार्यों को प्रभावित करने वाले गुर्दे के कैंसर का सबसे पुराना और आम प्रकार है।

किडनी कैंसर के लक्षण क्या हैं?

किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और कई बार लक्षणों के प्रकट होने के बाद भी कई वर्षों तक किडनी कैंसर का पता नहीं चलता है। हालांकि यह हो सकता है कि कुछ लोग मूत्र के दौरान रक्त, या पतले मूत्र के साथ समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं, जो किडनी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने में मदद करने के लिए, यहाँ कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं:

* मूत्र में रक्त: किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों में अक्सर मूत्र में रक्त की उपस्थिति होती है। जब गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होती हैं, तो रक्त का प्रवाह मूत्र में हो सकता है। मूत्र में रक्त के लिए एक साधारण सिरिंज या स्क्रीनिंग टेस्ट के साथ परीक्षण किया जा सकता है।
* पतला मूत्र: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मूत्र की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे मूत्र पतला हो सकता है।
* मूत्र का अधिक होना: गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होने के कारण, मूत्र की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे पेशाब करने का इरादा होता है।
* मूत्र का कम होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मूत्र की मात्रा कम हो सकती है, जो मूत्र के दौरान दर्दनाक और बार-बार पेशाब करने का कारण बन सकती है।
* मूत्र का ठंडा होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मूत्र का तापमान कम हो सकता है।
* मूत्र में गंभीर दर्द: किडनी कैंसर के कारण मूत्राशय के कैंसर की गंभीरता के कारण, मूत्र के दौरान दर्द हो सकता है।
* मूत्र का चिपचिपा होना: इसके अलावा, किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मूत्र का चिपचिपा हो सकता है।
* नकसीर या लालिमा: किडनी कैंसर के लिए एक और संकेत है जब पेशाब करने के बाद मूत्र में रक्त या पिंडक लगे हों। गुर्दे के कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए, यहाँ कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं।
* मूत्र में खूनी मूत्र: किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों में अक्सर मूत्र में रक्त की उपस्थिति होती है। रक्त का प्रवाह मूत्र में हो सकता है जब गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होती हैं।
* सीने में दर्द: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे सीने में दर्द हो सकता है। इससे बीमार महसूस हो सकता है।
* पेट में दर्द: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे पेट में दर्द हो सकता है। इससे बीमार महसूस हो सकता है।
* मल के माध्यम से रक्त: किडनी कैंसर के लक्षण कुछ लोग मूत्र के दौरान रक्त के अलावा मल के दौरान रक्त की उपस्थिति में भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
* मल का पीला होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मल का पीला हो सकता है।
* मल का अधिक होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मल की मात्रा अधिक हो सकती है।
* मल का कम होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मल की मात्रा कम हो सकती है।
* मल का ठंडा होना: किडनी कैंसर के कारण गुर्दे की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित हो सकती हैं, जिससे मल का तापमान कम हो सकता है।

किडनी कैंसर के कारण और लक्षण

किडनी कैंसर, जिसे प्री-डायलिसिस नेफ्रोपैथी भी कहा जाता है, एक प्रकार का कैंसर है जो गुर्दे की कोशिकाओं के असामान्य विकास के कारण होता है। यह आम तौर पर गुर्दे के कार्यों में गड़बड़गी का कारण बन सकता है।

एक वयस्क किडनी कैंसर के विकसित होने के कई कारण होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

* जीनेटिक्स: कुछ लोगों में किडनी कैंसर की प्रवृत्ति होती है, जिसका अर्थ है कि वे किडनी कैंसर होने की अधिक संभावना रखते हैं।
* स्वास्थ्य समस्याएं: यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किडनी के कैंसर के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित है, तो उनके शरीर में किडनी कैंसर के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
* पर्यावरण: किडनी कैंसर के विकसित होने के लिए पर्यावरणीय कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, वे जो लोग गुर्दे के कैंसर के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं, वे अपने जीवन के लिए अधिक जोखिम में हो सकते हैं।
* खराब आहार: किडनी कैंसर के विकसित होने के लिए खराब आहार भी जिम्मेदार हो सकता है।
* व्यायाम के अभाव में: किडनी कैंसर के विकसित होने के लिए व्यायाम के अभाव भी जिम्मेदार हो सकता है।

किडनी कैंसर के लक्षणों का निदान और उपचार

किडनी कैंसर के लक्षणों का निदान करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए, डॉक्टर मूत्र में रक्त, मूत्र की मात्रा, मूत्र में ठंडापन, मूत्र में खूनी, और पेशाब करने के लिए दर्द का परीक्षण कर सकते हैं। डॉक्टर कुछ मामलों में यह भी परीक्षण कर सकते हैं:

* किडनी का अल्ट्रासाउंड: किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किडनी का अल्ट्रासाउंड परीक्षण करें। अल्ट्रासाउंड परीक्षण का उपयोग आपकी किडनी के कार्यों को प्रभावित करने वाली कोशिकाओं की जांच करने के लिए किया जा सकता है।
* किडनी का बायोप्सी: किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किडनी का बायोप्सी परीक्षण करें। बायोप्सी टेस्ट में आपके गुर्दे की कोशिकाओं से नमूना लेने के लिए किडनी का कुछ हिस्सा हटाया जाता है।
* किडनी का सीटी स्कैन: किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किडनी का सीटी स्कैन परीक्षण करें। सीटी स्कैन टेस्ट का उपयोग आपकी किडनी के कार्यों को प्रभावित करने वाली कोशिकाओं की जांच करने के लिए किया जा सकता है।
* किडनी का एमआरआई स्कैन: किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किडनी का एमआरआई स्कैन परीक्षण करें। एमआरआई स्कैन टेस्ट का उपयोग आपकी किडनी के कार्यों को प्रभावित करने वाली कोशिकाओं की जांच करने के लिए किया जा सकता है।

किडनी कैंसर के लक्षणों का उपचार आमतौर पर सर्जरी, कीमोथेरेपी, और रेडियोथेरेपी के माध्यम से किया जाता है।

निष्कर्ष

किडनी कैंसर एक साइलेंट सिम्प्टम है जो समय-समय पर लक्षणों के रूप में प्रकट होता है। किडनी कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए, डॉक्टर मूत्र में रक्त, मूत्र की मात्रा, मूत्र में ठंडापन, मूत्र में खूनी, और पेशाब करने के लिए दर्द का परीक्षण कर सकते हैं। वे किडनी के अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन जैसे परीक्षण भी कर सकते हैं। किडनी कैंसर के लक्षणों का उपचार आमतौर पर सर्जरी, कीमोथेरेपी, और रेडियोथेरेपी के माध्यम से किया जाता है।