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कानपुर के डॉक्टरों ने बच्ची के दिल से निकाली टीबी गांठ,चार घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी!

March 26, 2026 147 views 1 min read
कानपुर के डॉक्टरों ने बच्ची के दिल से निकाली टीबी गांठ,चार घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी!
कानपुर के डॉक्टरों ने बच्ची के दिल से निकाली टीबी गांठ, चार घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी!

कानपुर, उत्तर प्रदेश। दुनिया भर में देखभाल के लिए प्रसिद्ध कानपुर के एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान ने एक अनोखे परिचर्चा में साबित कर दिखाया है कि चाहे जितनी भी मुश्किल सर्जरी हो, यदि प्रियंका और विश्वासी डॉक्टरों का सहयोग मिले तो कोई भी सर्जरी सफल हो सकती है। यहीं पर एक दिलचस्प और अद्भुत कहानी है जिसमें 12 साल की बच्ची के दिल से दुर्लभ टीबी गांठ निकालकर डॉक्टरों ने उसे नई जिंदगी दी है।

दो साल की उम्र में ही टीबी गांठ ने अपनी पहली झलक दिखाई थी।

बच्ची की मां ने बताया कि बच्ची को दो साल की उम्र में ही टीबी गांठ ने अपनी पहली झलक दिखाई थी। तब से लगातार बच्ची का इलाज चल रहा था और पिछले कुछ महीनों से बच्ची की सेहत लगातार खराब होती जा रही थी। उसके शरीर के कई अंग प्रभावित हो गए थे, और उसकी हालत बहुत खराब हो गई थी। अंततः डॉक्टरों ने उसे दिल की सर्जरी की सलाह दी।

चार घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी

चार घंटे तक चली हाई-रिस्क सर्जरी में डॉक्टरों ने उसे नई जिंदगी दी। जिसे देखकर यह पहली बार ऐसा कहा गया है कि हाल ही में की गई सर्जरी का मामला मेडिकल जगत में अपनी तरह का पहला है। इस सर्जरी में अस्पताल की टीम ने डॉक्टरों के साथ-साथ बच्ची के परिवार का भी सहयोग लिया और इस मुश्किल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

टीबी गांठ से जुड़ी जानकारी

टीबी गांठ दिल की धड़कन को प्रभावित करती है। यह एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें दिल की दीवारों पर एक गांठ बन जाती है जो जानलेवा हो सकती है। टीबी गांठ के कारण दिल की धड़कन धीमी हो जाती है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।

डॉक्टरों की टीम की सफलता

कानपुर के एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान की डॉक्टरों की टीम ने पूरा सहयोग दिया। डॉक्टरों ने बच्ची और उसके परिवार के साथ बहुत संवेदनशीलता से काम किया। उन्होंने फिर से संकल्प किया कि वे बच्ची की जान बचाएंगे। उनके इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने चुनौती स्वीकार की और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया।

सफल सर्जरी के बाद

सफल सर्जरी के बाद बच्ची की हालत सुधार गई और उसने अच्छी तरह से ठीक होने की दिशा में कदम बढ़ाए। यह घटना न केवल बच्ची के लिए बल्कि उसके परिवार के लिए भी एक बड़ा समाधान बन गया और उन्हें एक नई जिंदगी का आश्वासन दिया।

निष्कर्ष

कानपुर के डॉक्टरों ने दिखाया है कि कैसे चाहे जितनी भी मुश्किल सर्जरी हो सकती है, यदि प्रियंका और विश्वासी डॉक्टरों का सहयोग मिले तो कोई भी सर्जरी सफल हो सकती है। यह घटना एक प्रेरणादायक क्षण है जो हमें याद दिलाती है कि कितनी बड़ी चुनौतियों का सामना करके भी सफलता प्राप्त की जा सकती है, और यह हमारे डॉक्टरों की मेहनत और समर्पण का परिचायक है।