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राम कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने बांधा समां

April 6, 2026 2,959 views 1 min read
राम कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने बांधा समां

राम कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने बांधा समां


विदिशा| सिद्ध श्री दक्षिण मुख चिंतपूर्णी हनुमान मंदिर समिति के तत्वाधान में मनोहर धाम कॉलोनी डंडापुरा में आयोजित राम कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कथा का वाचन परम पूज्य आचार्य चंद्रहास राजस्ने द्वारा किया जा रहा है। दूसरे दिन व्यास जी ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का अत्यंत सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने वर्तमान समाज में विवाह संस्कार के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि सनातन धर्म में विवाह केवल सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि एक पवित्र और जिम्मेदार संस्कार है। कथा के दौरान भोलेनाथ की बारात का अद्भुत चित्रण करते हुए गणों के श्रृंगार और अनोखे स्वरूप का वर्णन किया गया। साथ ही माता सती द्वारा देह त्याग और सती से भवानी बनने की कथा को भी विस्तार से बताया गया। व्यास जी ने सत्कर्म के पीछे की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसी को नीचा दिखाने के उद्देश्य से किया गया कार्य है, तो वह कभी सफल नहीं होता। उन्होंने दान और दक्षिणा के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि निःस्वार्थ भाव से गुप्त रूप में दिया गया दान ही श्रेष्ठ होता है, जबकि कार्य के अनुसार दिया गया सम्मान दक्षिणा कहलाता है।कथा के समापन पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।