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देवस्थल पर कोर्ट भवन बर्दाश्त नहीं: आदिवासी

June 28, 2026 741 views 1 min read
देवस्थल पर कोर्ट भवन बर्दाश्त नहीं: आदिवासी

देवस्थल पर कोर्ट भवन बर्दाश्त नहीं: आदिवासी


भास्कर न्यूज | कोंडागांव जिला मुख्यालय में प्रस्तावित जिला न्यायालय भवन के लिए चिन्हित जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। आदिवासी समाज और गोंडवाना समाज समन्वय समिति ने दावा किया है कि जिस भूमि पर न्यायालय भवन बनाने की तैयारी चल रही है, वह समाज का पारंपरिक पेनस्थल है। यह देवस्थल है। यह धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व की भूमि है। समाज ने जमीन के आवंटन का विरोध किया है। निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की है। समिति ने एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि गोंडवाना भवन के पीछे स्थित यह स्थान वर्षों से समाज की आस्था का केंद्र रहा है। यहां पूजा-पाठ होता रहा है। पारंपरिक धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। समिति ने कहा कि यहां किसी भी तरह का निर्माण आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। यह उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा। ज्ञापन में कहा गया कि समाधान निकाले बिना, समाज से चर्चा किए बिना निर्माण शुरू हुआ तो व्यापक विरोध होगा। समिति ने संविधान के अनुच्छेदों का हवाला दिया। धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लेख किया। सांस्कृतिक संरक्षण का उल्लेख किया। संपत्ति के अधिकार का भी जिक्र किया। समाज ने मांग की कि पेनस्थल और समाज की भूमि पर चल रहा निर्माण तत्काल रोका जाए। अंतिम निर्णय तक यथास्थिति रखी जाए। भूमि से जुड़े दस्तावेज, स्वीकृतियां, और सीमांकन की जानकारी समाज को दी जाए। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। समाज ने कहा कि यह केवल जमीन का मामला नहीं है। यह आदिवासी परंपरा, संस्कृति, और देवी-देवताओं की आस्था से जुड़ा मामला है।