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वेस्ट यूपी के सियासी रण की तैयारी, कौन किसपर भारी? PM मोदी, अखिलेश यादव और जयंत चौधरी रच रहे अभेद्य चक्रव्यूह
वेस्ट यूपी के सियासी रण की तैयारी, कौन किसपर भारी?
उत्तर प्रदेश की राजनीति का भविष्य चुनावों में तय होगा। 2027 में होने वाले चुनावों के लिए तैयारी शुरू हो गई है। वेस्ट यूपी की छह सीटों पर वाकी - अलीगढ़, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और हाथरस पर बीजेपी, सपा समेत कई पार्टियों की नजरें टिकी हैं। यहां पर बीजेपी, सपा और बसपा/प्रजातांत्रिक समाजवादी पार्टी की मुख्य भूमिका है। इन तीनों पार्टियों के नेताओं ने अपने चुनावी अभियान को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। यहां एक नजर बीजेपी से लेकर सपा तक के नेताओं की रणनीति पर-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। पिछले कुछ महीनों में वह इस क्षेत्र के सात से अधिक जिलों के दौरे कर चुके हैं। उनकी कार्यक्रम सूची में यहां के कई जिलों शामिल हैं। यहां पर वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध शिविरों में भेज रहे हैं। इन शिविरों में उन्होंने स्थानीय नेताओं को पार्टी के मुख्य मुद्दों पर शिक्षित किया है।
सपा के अखिलेश यादव
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी पार्टी के लिए चुनावी अभियान को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी के खिलाफ इस बार की चुनाव में सपा की जीत होगी। इसके लिए उन्होंने कहा कि सपा के सभी कार्यकर्ता इस चुनाव में जीत के लिए काम करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हो गए हैं। पार्टी ने यहां पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों में पार्टी के मुख्य मुद्दों पर चर्चा की जाती है। पार्टी ने वहां के जिलों में सांप्रदायिक समाज को एकजुट करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
जयंत चौधरी
भारतीय ट्रांसपोर्ट विकास निगम (ITDC) के चेयरमैन जयंत चौधरी ने भी सपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि सपा और रालोद के बीच वार्ता चल रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी इसी गठबंधन में शामिल हो सकती है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का भविष्य चुनावों में तय होगा। 2027 में होने वाले चुनावों के लिए तैयारी शुरू हो गई है। वेस्ट यूपी की छह सीटों पर वाकी - अलीगढ़, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और हाथरस पर बीजेपी, सपा समेत कई पार्टियों की नजरें टिकी हैं। यहां पर बीजेपी, सपा और बसपा/प्रजातांत्रिक समाजवादी पार्टी की मुख्य भूमिका है। इन तीनों पार्टियों के नेताओं ने अपने चुनावी अभियान को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। यहां एक नजर बीजेपी से लेकर सपा तक के नेताओं की रणनीति पर-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। पिछले कुछ महीनों में वह इस क्षेत्र के सात से अधिक जिलों के दौरे कर चुके हैं। उनकी कार्यक्रम सूची में यहां के कई जिलों शामिल हैं। यहां पर वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध शिविरों में भेज रहे हैं। इन शिविरों में उन्होंने स्थानीय नेताओं को पार्टी के मुख्य मुद्दों पर शिक्षित किया है।
सपा के अखिलेश यादव
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी पार्टी के लिए चुनावी अभियान को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी के खिलाफ इस बार की चुनाव में सपा की जीत होगी। इसके लिए उन्होंने कहा कि सपा के सभी कार्यकर्ता इस चुनाव में जीत के लिए काम करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हो गए हैं। पार्टी ने यहां पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों में पार्टी के मुख्य मुद्दों पर चर्चा की जाती है। पार्टी ने वहां के जिलों में सांप्रदायिक समाज को एकजुट करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
जयंत चौधरी
भारतीय ट्रांसपोर्ट विकास निगम (ITDC) के चेयरमैन जयंत चौधरी ने भी सपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि सपा और रालोद के बीच वार्ता चल रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी इसी गठबंधन में शामिल हो सकती है।