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सैटेलाइट बंद हो गया! तीनों सेनाओं के सामने बड़ी चुनौती, विदेशी सिस्टम पर कैसे भरोसा करें

March 26, 2026 819 views 1 min read
सैटेलाइट बंद हो गया! तीनों सेनाओं के सामने बड़ी चुनौती, विदेशी सिस्टम पर कैसे भरोसा करें
भारत में एक बड़ी तकनीकी खराबी

भारत के रीजनल नैविगेशन सिस्टम में एक बड़ी तकनीकी खराबी सामने आई है। इसकी परमाणु घड़ियां अचानक काम करना बंद कर दे रही हैं। यह सिर्फ सिविलियन सिस्टम के लिए नहीं, बल्कि मिलिट्री नैविगेशन सिस्टम के लिए भी बड़ी चुनौती है।

भारत में नैविगेशन सिस्टम पर भरोसा करना बड़ी चुनौती

भारत में रीजनल नैविगेशन सिस्टम (RNSS) के काम करने से जुड़ी, एक बड़ी तकनीकी खराबी सामने आई है। यह सिस्टम की परमाणु घड़ियां अचानक काम करना बंद कर दे रही हैं। इस समस्या के कारण नैविगेशन सिस्टम की सटीकता प्रभावित हो रही है। यह सिर्फ सिविलियन सिस्टम के लिए नहीं, बल्कि मिलिट्री नैविगेशन सिस्टम के लिए भी बड़ी चुनौती है।

क्यों हो रही है यह तकनीकी खराबी?

वर्तमान में भारत में कई जीपीएस-ए-ए-एलटीई (GPS-A-एलटीई) सैटेलाइट्स की संख्या कम है। इसके अलावा, भारत की सैटेलाइट क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग डिवीजन ने प्रोजेक्ट गगनयान के लिए 4 सैटेलाइट्स को सैटेलाइट लॉन्च डीले में लॉन्च करने की योजना बनाई है। लेकिन इन सैटेलाइट्स की तैयारी में देरी हो रही है। इसका सीधा असर भारत के नैविगेशन सिस्टम पर पड़ रहा है।

रीजनल नैविगेशन सिस्टम की महत्ता

रीजनल नैविगेशन सिस्टम (RNSS) भारतीय सेना के दृष्टिकोण पर काफी महत्वपूर्ण है। यह सिस्टम सेना की लड़ाई की क्षमता को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, यह सिस्टम भारत की सुरक्षा को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जीपीएस-ए-एलटीई की कमी ने क्यों बढ़ाया है संवाद?

भारत के नैविगेशन सिस्टम में जीपीएस-ए-एलटीई की संख्या कम होने से संवाद बढ़ गया है। यह संवाद नैविगेशन सिस्टम की सटीकता को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, यह संवाद सेना की लड़ाई क्षमता को भी कम कर रहा है। फिर भी भारत सरकार नैविगेशन सिस्टम को सुधारने के लिए काम कर रही है।

क्या है इसका समाधान?

भारत सरकार नैविगेशन सिस्टम को सुधारने के लिए कई प्रयास कर रही है। इनमें से एक प्रयास है सैटेलाइट सिस्टम को सुधारना। इसके अलावा, भारत सरकार नैविगेशन सिस्टम को सुधारने के लिए विदेशी सिस्टम का सहारा ले रही है। इसके अलावा, भारत सरकार नैविगेशन सिस्टम को सुधारने के लिए कई नए सैटेलाइट्स लॉन्च कर रही है।

निष्कर्ष

भारत के नैविगेशन सिस्टम में एक बड़ी तकनीकी खराबी सामने आई है। इसकी परमाणु घड़ियां अचानक काम करना बंद कर दे रही हैं। यह सिर्फ सिविलियन सिस्टम के लिए नहीं, बल्कि मिलिट्री नैविगेशन सिस्टम के लिए भी बड़ी चुनौती है। इसका समाधान निकालने के लिए भारत सरकार कई प्रयास कर रही है।