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रेस्टोरेंट की आड़ में शराब का खेल! रणथंभौर में स्वीकृत लोकेशन पर नहीं दुकान, चल रहा रेस्टोरेंट

October 17, 2026 932 views 1 min read
रेस्टोरेंट की आड़ में शराब का खेल! रणथंभौर में स्वीकृत लोकेशन पर नहीं दुकान, चल रहा रेस्टोरेंट

रेस्टोरेंट की आड़ में शराब का खेल! रणथंभौर में स्वीकृत लोकेशन पर नहीं दुकान, चल रहा रेस्टोरेंट


आबकारी नीति को ठेंगा दिखाकर रणथंभौर में शराब माफिया सक्रिय हैं। रेस्टोरेंट की बिल्डिंग में शराब दुकान की स्वीकृति और स्वीकृत लोकेशन पर सेल काउंटर नहीं होने का खेल मिलीभगत को दर्शाता है। क्लस्टर के माल की दूसरे राज्य में सप्लाई के आरोप भी आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। बहरहाल, स्वीकृत लोकेशन पर ही सेल काउंटर लोकेशन पर रेस्टोरेंट चल रहा है। स्टॉक का भौतिक सत्यापन, मौके पर न स्टॉक न कर्मचारी, रेस्टोरेंट में शराब बिक्री प्रतिबंधित रेस्टोरेंट की बिल्डिंग में स्वीकृति नियम बनाम हकीकत को बयां करने वाले हैं। लोगों का दावा है कि संबंधित दुकान की लोकेशन एक रेस्टोरेंट के बेसमेंट में दर्शाई गई है, जबकि मौके पर न तो कोई सेल काउंटर, न ही दुकान संचालन से जुड़े कर्मचारी या अन्य संकेत दिखाई दिए। आरोप यह भी है कि उक्त दुकान के नाम पर आवंटित शराब का विक्रय किसी अन्य स्थान पर किया जा रहा है, जो आबकारी नियमों के खिलाफ है। आबकारी नियमों के अनुसार प्रत्येक अनुज्ञाधारी को विभाग द्वारा स्वीकृत स्थान पर ही सेल काउंटर संचालित करना होता है। बिना अनुमति दुकान का संचालन अन्य स्थान से करना अथवा निर्धारित स्थान के अलावा कहीं और शराब का विक्रय करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित दुकानों, गोदामों और बीयर बार में उपलब्ध स्टॉक का बैच नंबर, बिक्री रिकॉर्ड और स्वीकृत लोकेशन का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। पहला खुलासा: कागजों पर दुकान, जमीन पर रेस्टोरेंट वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति में रणथंभौर की दुकान नंबर 13, 14, 15 एक क्लस्टर में हैं। लाइसेंस जगदीप सिंह बग्गा के नाम है। 13 और 14 पर बिक्री हो रही है, लेकिन 15 नंबर दुकान का ठौर-ठिकाना नहीं है। मसलन, पड़ताल करने पर विभाग द्वारा दी गई लोकेशन पर रेस्टोरेंट पाया गया। इस रेस्टोरेंट प्रॉपर्टी की मालिक सिपाही की पत्नी है। नियम के मुताबिक रेस्टोरेंट, होटल या रिहायशी जगह पर शराब दुकान नहीं खुल सकती। फिर आबकारी विभाग ने यहां स्वीकृति कैसे दे दी? दूसरा खुलासा: माल कहां जा रहा है? स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि दुकान 15 के नाम पर आवंटित होने वाली शराब न तो यहां बिक रही है न स्टॉक दिख रहा है। आशंका है कि ये माल दूसरे पड़ोसी राज्य में सप्लाई किया जा रहा है या फिर उसी क्लस्टर की 13-14 नंबर दुकान और बियर बार में खपाया जा रहा है। ऐसे में विभागीय मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है। आबकारी नियम साफ कहते हैं िक बिक्री केवल स्वीकृत लोकेशन से, स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड, भौतिक सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन यहां न लोकेशन है, न काउंटर, न कर्मचारी। इसके बावजूद लाइसेंस रिन्यू कैसे हो गया? क्लस्टर निरस्ती की उठी मांग स्थानीय लोगों ने मांग की कि पूरे क्लस्टर की दुकानों, गोदाम और बियर बार के स्टॉक, बैच नंबर और बिक्री रजिस्टर की जांच हो। साथ ही इस क्लस्टर को तुरंत निरस्त कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। मामला संज्ञान में है : िवभाग ^ ऐसा मामला संज्ञान में आया हुआ है, विभागीय स्तर पर जांच प्रक्रिया जारी है। जल्दी ही उचित कार्यवाही होगी। -हरीश रोलन, जिला आबकारी अधिकारी, सवाईमाधोपुर