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फारूक शेख: ऊंची जातियों को चिढ़ाने के लिए \'अछूतों\' को बनाया अपना, 26/11 के पीड़‍ित की गुपचुप करते रहे मदद

March 25, 2026 731 views 5 min read
फारूक शेख: ऊंची जातियों को चिढ़ाने के लिए \'अछूतों\' को बनाया अपना, 26/11 के पीड़‍ित की गुपचुप करते रहे मदद
फारूख शेख: ऊंची जातियों को चिढ़ाने के लिए \'अछूतों\' को बनाया अपना, 26/11 के पीड़ित की गुपचुप करते रहे मदद

फारूख शेख ने अपने जीवन में कई बार किरदारों को जीवित किया है, लेकिन वास्तविक जीवन में भी उन्होंने कुछ ऐसा किया है जिसे कोई भी देखकर हैरान रह जाएगा। फारूख शेख को हम सभी भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रतिष्ठित और अनुभवी कलाकार के रूप में जानते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है और उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं। लेकिन यहाँ हम आपको एक ऐसे फारूख शेख के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि अपने जन्मदिन के मौके पर अपने जीवन के अनकहे किस्से साझा कर रहे हैं।

फारूख शेख का जन्म 25 मार्च 1936 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पालन-पोषण भी वहीं हुआ था। उनके पिता एक व्यापारी थे और उनकी माता एक गृहिणी थीं। फारूख शेख का बचपन बहुत ही संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के कारण स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर सके। उन्होंने घर की जिम्मेदारियों को निभाना शुरू कर दिया था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्हें स्कूल जाने में कठिनाई होती थी।

फारूख शेख ने अपने जीवन के शुरुआती दिनों में एक छोटे से स्टोर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने एक डेयरी फार्म में काम करने का फैसला किया। उन्होंने खुद से ही एक डेयरी फार्म शुरू किया और उसे सफल भी बनाया। लेकिन उन्होंने अपने जुनून को पूरा करने के लिए एक कलाकार के रूप में अपना करियर बनाने का फैसला किया।

फारूख शेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म 'गाइड' से की थी। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत एक छोटे से किरदार से की थी। लेकिन उन्होंने जल्द ही अपनी प्रतिभा और परिश्रम से अपनी जगह बनाई और पूरे देश में मशहूर हो गए। उन्होंने अपने अभिनय करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया, जिनमें 'शोले', 'राम लखन', 'खून भी खून', 'अशांति एक अधूरी कहानी', 'नमक हारामी', 'चश्मे बद्दूर', 'सौदागर', 'दीवार', 'अंधा युग', 'मोहब्बत की कसौटी', 'अनाथ', 'दीवाना मेरा', 'अर्थ', 'ममता', 'दामिनी', 'बाजीगर', 'आग', 'चुनरिया', 'कभी हां कभी नaa', 'रंगून', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'श्रीमान गार्डन', 'प्रकाश', 'कहीं का', 'अंधा युग', 'चश्मे बद्दूर', 'सौदागर', 'दीवार', 'अंधा युग', 'अर्थ', 'ममता', 'दामिनी', 'बाजीगर', 'आग', 'चुनरिया', 'कभी हां कभी ना', 'रंगून', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'श्रीमान गार्डन', 'प्रकाश', 'कहीं का', 'अंधा युग', 'चश्मे बद्दूर', 'सौदागर', 'दीवार', 'अर्थ', 'ममता', 'दामिनी', 'बाजीगर', 'आग', 'चुनरिया', 'कभी हां कभी ना', 'रंगून', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'श्रीमान गार्डन', 'प्रकाश', 'कहीं का', 'अंधा युग', 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