Politics

पार्षदों ने कहा-सफाई और लाइटिंग फेल, कैसे मांगेंगे वोट; नगर आयुक्त ने कर्ज का रोना रोया

June 7, 2026 3,238 views 1 min read
पार्षदों ने कहा-सफाई और लाइटिंग फेल, कैसे मांगेंगे वोट; नगर आयुक्त ने कर्ज का रोना रोया
```html

पार्षदों ने कहा-सफाई और लाइटिंग फेल, कैसे मांगेंगे वोट; नगर आयुक्त ने कर्ज का रोना रोया


शहर में साफ-सफाई से लेकर स्ट्रीट लाइट तक की व्यवस्था चरमरा गई है। शनिवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में तय एजेंडों पर चर्चा से पहले ही पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया। पार्षदों ने कहा कि कूड़ा उठाव गाड़ियां खराब रहती हैं और स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। न तो मरम्मत हो रही है और ही कोई शिकायत सुनने वाला है। पार्षदों ने चिंता व्यक्त की कि डेढ़ साल बाद चुनाव हैं और इसी हालात में वे किस मुंह से जनता के बीच वोट मांगने जाएंगे। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसा नहीं है कि नगर निगम काम नहीं कर रहा है। पार्षदों की 1-1 करोड़ की योजना से लेकर तमाम कार्य हो रहे हैं।



नगर निगम की वित्तीय स्थिति


नगर आयुक्त ने इस दौरान निगम की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला और बताया कि निगम पर 350 करोड़ से अधिक का कर्ज है। यह कर्ज नगर निगम के कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। संपत्ति कर वसूली के लिए एजेंसी चयन पर सर्वसम्मति नहीं बनने की वजह से भी स्थिति गंभीर हो गई है। होल्डिंग और प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए निजी एजेंसी के चयन का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा गया, लेकिन पार्षद डॉ. आशीष सिन्हा, डॉ. इंद्रदीप चंद्रवंशी और विनय कुमार पप्पू ने इसका विरोध किया। स्थायी समिति के सदस्य बिनोद कुमार और मुन्ना जायसवाल ने कहा कि कंपनी के चयन से पहले सभी नियम-शर्तों को लागू किया जाएगा और तब सदन के सामने प्रजेंटेशन होगा, तब एजेंसी का फाइनल चयन होगा। नगर आयुक्त ने भी कहा कि सब कुछ पारदर्शी तरीके से होगा।



जलापूर्ति योजनाओं पर रोक


जलापूर्ति योजनाओं पर रोक के विरोध में सभी पार्षद एकजुट हो गए। शहर के सभी वार्डों में 5-5 सबमर्सिबल से लेकर उच्च क्षमता वाली बोरिंग लगाने पर चर्चा हुई। नगर विकास विभाग ने पटना में जलापूर्ति योजना के लिए नई प्लानिंग शुरू कर दी है, जिसमें गंगा के पानी की सप्लाई का सिस्टम बनाया जाएगा। लेकिन, इस निर्णय का पार्षदों ने विरोध किया और स्थायी समिति ने भी इसका समर्थन किया।



स्विस इंडिया कंपनी का विवाद


पार्षदों ने शहर में वाटर सप्लाई से लेकर चौक-चौराहों पर लगे वाटर फाउंटेन की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी, स्विस इंडिया, पर डाली गई है। इस एजेंसी के काम को लेकर पार्षदों ने कई शिकायतें की हैं। पार्षद जीत कुमार ने कहा कि यदि कोई शिकायत करता है, तो एजेंसी का मालिक उस पर एससी-एसटी का केस कर देता है। सभी ने इस एजेंसी को हटाकर ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।



सदन में विवाद और अनुशासन


स्थायी समिति के चुनाव को लेकर पक्ष-विपक्ष के पार्षद अचानक भिड़ गए और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने लगे। इसपर वार्ड-21 की पार्षद श्वेता रंजन ने सदन में मर्यादित शब्द बोलने की सलाह दी। वार्ड-32 की पार्षद पिंकी यादव ने कहा कि सभी पार्षदों को अपनी समस्याएं बताने का हक है और इसे सबको सुनना चाहिए। नगर आयुक्त ने एक बार फिर कहा कि निगम पर 350 करोड़ से अधिक का कर्ज है, जो कि इन समस्याओं का एक बड़ा कारण है।



अन्य एजेंडों पर चर्चा


बैठक में विभिन्न एजेंडों पर भी चर्चा हुई। स्थायी और दैनिक चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को वर्दी मिलने का निर्णय लिया गया। एकता मॉल के लिए दूजरा में 3.39 एकड़ जमीन का एनओसी मिलेगा। संपतचक प्रखंड में ग्रिड के लिए 323.4 डिसमिल जमीन बिहार स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को हस्तांतरित की जाएगी। इसके अलावा, शहर के विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। बांकीपुर प्रमंडल के वार्ड 47 में जी प्लस वन भवन और धोबी घाट का निर्माण होगा। वार्ड-15 में रोड संख्या-16 में सामुदायिक भवन और वार्ड-30 में वेंडिंग जोन के साथ सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा। वार्ड-2 में चंद्र बिहार कॉलोनी में पीसीसी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है।


```