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क्या छूने से भी फैल सकती है टीबी? डॉक्टर से जानें इस बीमारी से जुड़े मिथक का सच

March 24, 2026 292 views 1 min read
क्या छूने से भी फैल सकती है टीबी? डॉक्टर से जानें इस बीमारी से जुड़े मिथक का सच
टीबी: खतरनाक बीमारी के पीछे छुपे हुए मिथक

टीबी या ट्यूबरक्लॉसिस एक ऐसी बीमारी है जो पूरी दुनिया में मौजूद है और इसका सबसे बड़ा असर भारत में देखा जा रहा है. यह बीमारी पूरी दुनिया में पांचवें नंबर पर है और भारत में एक नंबर पर है. टीबी एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ सांस की समस्या तक ही नहीं पैदा करती बल्कि जान को भी खतरे में डाल सकती है. अगर यह बीमारी का इलाज समय पर नहीं किया जाए तो गंभीर हो सकती है और तब भी अगर इलाज हो जाए तो भी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती है. टीबी के लक्षण ज्यादातर लोगों के मन में होते हैं कि यह बीमारी किसी को किसी के साथ हाथ फैला देती है, लेकिन यह सच नहीं है.

टीबी बीमारी के बारे में छुपे हुए मिथक

1. बीमारी फैलाने वाले व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से ही होती है

सामान्य तौर पर लोगों का मानना है कि अगर किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में जाएं, तो वह टीबी का शिकार हो जाएंगे. लेकिन यह सच नहीं है. टीबी के मरीज के निकट संपर्क में आना नहीं ही केवल कारण नहीं है कि आप इसकी चपेट में आ जाएं. टीबी के बैक्टीरिया वायुमार्ग से नहीं फैलते हैं, लेकिन अगर आपने किसी बीमार व्यक्ति के खून से संपर्क में आना है या फिर उनके संक्रमित खाने को खाना है तो आपको टीबी हो सकती है. इसके अलावा अगर आप टीबी वाले कुत्ते के संपर्क में आते हैं तो भी यह बीमारी आपको हो सकती है.

2. टीबी का इलाज सिर्फ पहले से ही होने वाली बीमारी के लिए ही है

आजकल के समय में लोगों में यह मिथक है कि टीबी का इलाज सिर्फ पहले से ही होने वाली बीमारी के लिए ही है. लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है. टीबी का इलाज सभी तरह की बीमारी के लिए है जिनमें टीबी होती है. अगर टीबी का इलाज किया जाए तो यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है और अगर इलाज ना हुआ तो टीबी एक गंभीर रूप ले सकती है.

3. टीबी का इलाज एक ही से काफी है

आजकल के समय में लोगों को टीबी का इलाज ही एक ही नज़र आता है और यह कि इसका इलाज सिर्फ दो महीने से लेकर छह महीने के बीच में होता है. लेकिन यह सच नहीं है टीबी का इलाज कई चरणों में होता है और यह इलाज बीमारी के प्रकार के आधार पर भी बदलता है. निमोनिया के साथ टीबी होने पर तीन महीने का समय लग सकता है जबकि अगर टीबी का मामला पुराना है तो छह महीने से लेकर एक साल तक का समय लग सकता है.

4. टीबी का इलाज होने के बाद भी कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है

टीबी के इलाज के बाद भी इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसे कि बीमारी के दौरान भी आपके शरीर से कुछ लोग जोड़ सकते हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर बीमारी के दौरान ही ठीक हो जाते हैं और बीमारी के इलाज के बाद भी अगर इनमें से कुछ जोड़ जाते हैं तो यह कोई गंभीर नहीं होते. इसके अलावा टीबी का इलाज बड़े पैमाने पर होने पर भी साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसे कि शरीर का वजन कम होना, पतली हड्डी, उनका टूटना और एक्टिनोमायोसाइटिस.

5. टीबी का इलाज है एक ही समय पर सभी लोगों में संभव नहीं

टीबी का इलाज एक ही समय पर सभी लोगों में संभव नहीं हो सकता है. यह बीमारी के प्रकार और पुरानापन के आधार पर भी इलाज का समय बदलता है. अगर टीबी का इलाज एक ही समय पर सभी को मिले तो यह बीमारी को एक समय से निपटा जा सकता है.