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जिला स्थापना के 33 साल बाद भी बांका में नहीं बन सका एक अदद खेल मैदान
जिला स्थापना के 33 साल बाद भी बांका में नहीं बन सका एक अदद खेल मैदान
भास्कर न्यूज | बांका बांका जिला 21 फरवरी 1991 को विधिवत अस्तित्व में आया था, लेकिन स्थापना के तीन दशक से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बावजूद जिला मुख्यालय में आज तक एक भी समुचित और आधुनिक खेल मैदान विकसित नहीं हो सका है। यह विडंबना जिले के उदीयमान खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। वर्तमान में पूरे जिले में खेल गतिविधियों के नाम पर मुख्य रूप से केवल आरएमके स्कूल का ऐतिहासिक मैदान ही उपलब्ध है। दुखद पहलू यह है कि यह मैदान भी किसी एक खेल या खिलाड़ियों के लिए समर्पित नहीं है, बल्कि यहां हर प्रकार के गैर-खेल आयोजन धड़ल्ले से होते हैं। बड़े नेताओं की राजनीतिक रैलियां, डांडिया कार्यक्रम, सांस्कृतिक नृत्य, रोजगार मेला, खादी मेला यहां तक कि वीआईपी मूवमेंट के लिए हेलीपैड निर्माण जैसे कार्य भी इसी मैदान पर किए जाते हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा आए दिन सभा और भोज कार्यक्रम भी यहीं आयोजित होते हैं। ऐसे में यह मैदान खेल के बजाय महज एक बहुउद्देशीय व्यावसायिक कार्यक्रम स्थल बनकर रह गया है, जिससे इसका खेल ट्रैक पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। ^आरएमके स्कूल मैदान में कंक्रीट पिच और टर्फ विकेट निर्माण की योजना पूर्व से लंबित होने संबंधी मामला मेरे संज्ञान में आया है। वर्तमान में संबंधित योजना की पूरी फाइल मंगाकर यह देखा जाएगा कि यह काम किस विभाग या एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा था और ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर क्यों भागा। इस पूरे मामले की गहन जांच कराकर निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाएगा, ताकि जिले के युवा खिलाड़ियों को अभ्यास में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। - नवदीप शुक्ला, डीएम, बांका।