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”விஜய் வெற்றி பெற்றது பிடிக்காமல் இருக்கலாம்... ஆனா..” - ஷாக் கொடுத்த திருமா
October 2, 2026
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर में, लेखपालों ने 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। यह निर्णय उन समस्याओं के प्रति विरोध स्वरूप लिया गया है, जिनका सामना वे अपने कार्यस्थल पर कर रहे हैं। लेखपालों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे अपनी गतिविधियों को पूरी तरह से रोक देंगे। यह स्थिति न केवल लेखपालों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है, क्योंकि लेखपाल आम जन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ जुड़े होते हैं।
जौनपुर के लेखपालों का आरोप है कि उन्हें उचित वेतन और उचित कार्य परिस्थितियाँ नहीं मिल रही हैं। वेतन में वृद्धि की मांग, कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी और काम के दबाव के चलते उनकी स्थिति काफी खराब हो गई है। लेखपालों का कहना है कि उनकी मेहनत और परिश्रम को अनदेखा किया जा रहा है। इसके अलावा, कई लेखपालों ने यह भी उल्लेख किया है कि वे समय पर वेतन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने लेखपालों की इस मांग पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे लेखपालों की समस्याओं को समझते हैं और जल्द ही इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। हालांकि, कई लेखपालों ने यह आशंका व्यक्त की है कि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा। इसके चलते वे अपने आंदोलन को तेज करने की योजना बना रहे हैं।
लेखपालों के इस अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। भूमि रजिस्ट्रेशन, खसरा