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Tamil Nadu: DMK holds vote share despite bypoll defeats, weakened alliance
October 10, 2026
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सिटी रिपोर्टर | गोपालगंज अरवल में सिविल सर्जन पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को भासा के आह्वान पर सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने एकदिवसीय कार्य बहिष्कार किया। हड़ताल के कारण ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा। भासा के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार झा के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अरवल की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। डॉक्टरों का कहना था कि जब तक अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तब तक भयमुक्त होकर मरीजों की सेवा करना संभव नहीं है। सदर अस्पताल से बैरंग लौटे मरीज हड़ताल के कारण सुबह से ही सदर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पर्ची काउंटर, ओपीडी और विभिन्न विभागों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण किसी को इलाज नहीं मिल सका। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गंभीर बीमार मरीजों को उठानी पड़ी। कई मरीज निजी क्लीनिकों का रुख करने को विवश हुए। कुछ बिना इलाज कराए ही घर लौट गए। डॉक्टरों ने कहा कि अरवल की घटना ने पूरे राज्य के चिकित्सकों में असुरक्षा और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने सरकार से चिकित्सकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमलावरों पर शीघ्र सख्त कार्रवाई नहीं हुई और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।