Politics

धरना-प्रदर्शनों का नया कारोबार: लोकतंत्र की आड़ में आखिर किसके हित साधे जा रहे हैं?

October 10, 2026 1,612 views 1 min read
धरना-प्रदर्शनों का नया कारोबार: लोकतंत्र की आड़ में आखिर किसके हित साधे जा रहे हैं?

धरना-प्रदर्शनों का नया कारोबार: लोकतंत्र की आड़ में आखिर किसके हित साधे जा रहे हैं?


लोकतंत्र में विरोध अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा पर निराधार प्रहार और राजनीतिक सौदेबाजी किसी भी सभ्य राष्ट्र की नियति नहीं हो सकती। सवाल यह है कि जनहित के नाम पर चल रहे आंदोलनों में जनता कितनी है और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का हिसाब कितना?