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देखिए भारत के न्यूक्लियर पावर बनने पर चिदंबरम की प्रतिक्रिया वाला पुराना वीडियो, आप इससे सहमत हैं?

March 24, 2026 160 views 1 min read
देखिए भारत के न्यूक्लियर पावर बनने पर चिदंबरम की प्रतिक्रिया वाला पुराना वीडियो, आप इससे सहमत हैं?
भारत के न्यूक्लियर पावर बनने पर चिदंबरम की प्रतिक्रिया

भारत के न्यूक्लियर पावर बनने पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की प्रतिक्रिया का एक पुराना वीडियो ताजा सोशल मीडिया पर खुलकर तेज है। यह वीडियो 1998 में भारत के न्यूक्लियर पावर बनने के बाद दिए गए एक संसदीय बयान का हिस्सा है, जो उस समय की लोकतांत्रिक चर्चा को दर्शाता है। इस वीडियो के माध्यम से पूर्व नेता ने अपनी बातें रखी थीं। लेकिन आजकल की सुरक्षा हालात को देखते हुए भी कई लोग इसे गलत ठहरा रहे हैं।

भारत के न्यूक्लियर पावर बनने पर चिदंबरम की प्रतिक्रिया

चिदंबरम जी ने संसद में एक बार फिर से चुनौतियों के बारे में चर्चा की और उन्होंने कहा कि यह बात सत्य है कि भारत की मौजूदा सैन्य शक्ति और क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने की क्षमता के साथ भारत एक विश्वसनीय देश बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के न्यूक्लियर पावर बनने के बाद यह एक नया दौर शुरू हुआ था, जिसने भारत की सैन्य शक्ति और विश्वसनीयता को बढ़ावा दिया।

चिदंबरम जी ने यह भी कहा कि भारत के न्यूक्लियर पावर बनने से क्षेत्र में एक नई चुनौती आई, जिसे भारत ने स्वीकार किया और समय-समय पर सैन्य शक्ति बढ़ाने के लिए काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने न्यूक्लियर पावर बनने के बाद नई दिशा से काम करना शुरू किया और सैन्य शक्ति को बढ़ावा देने के लिए काम किया।

न्यूक्लियर पावर बनने के बाद चुनौतियां

चिदंबरम जी ने न्यूक्लियर पावर बनने के बाद भारत के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत के न्यूक्लियर पावर बनने के बाद देश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें पाकिस्तान की सैन्य जवाबी कार्रवाई और चीन के साथ तनाव शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने इन चुनौतियों का सामना किया और समय-समय पर सैन्य शक्ति बढ़ावा दिया और संयुक्त राष्ट्र के अन्य सदस्यों के साथ सहयोग किया।

वर्तमान सुरक्षा हालात

आज के दौर में भारत के सामने कई नए सुरक्षा हालात हैं। चूंकि भारत के न्यूक्लियर पावर बनने के बाद से कई चुनौतियां आई हैं। इसे देखते हुए कई लोग इसे गलत ठहरा रहे हैं। कई विशेषज्ञ और सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी इसे गलत ठहराया है।