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बालोद में अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम:एसपी चव्हाण बोले- कानून से बड़ा कोई नहीं, नशा और अपराध पर होगी सख्ती

July 17, 2026 2,472 views 1 min read
बालोद में अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम:एसपी चव्हाण बोले- कानून से बड़ा कोई नहीं, नशा और अपराध पर होगी सख्ती

बालोद में अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम:एसपी चव्हाण बोले- कानून से बड़ा कोई नहीं, नशा और अपराध पर होगी सख्ती


बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण गंगाराम चव्हाण ने पदभार संभालने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि बालोद में अब नशे के कारोबार, संगठित अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। एसपी चव्हाण ने दो टूक कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। यदि किसी मामले में पुलिस विभाग का कोई कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी आम नागरिक की तरह ही कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह रहेगी। बिलासपुर-जगदलपुर और सुकमा में पोस्टेड रह चुके 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी किरण गंगाराम चव्हाण महाराष्ट्र के कोल्हापुर के निवासी हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। इससे पहले वे बिलासपुर, जगदलपुर और सुकमा में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में काम करने के दौरान जनता का विश्वास जीतना और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करना उनकी सबसे बड़ी सीख रही है। सामुदायिक पुलिसिंग पैटर्न पर होगा काम उन्होंने कहा कि बालोद में भी पुलिस और आम लोगों के बीच सीधा संवाद बढ़ाया जाएगा। लोगों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। नशा मुक्त और अपराध मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस के साथ सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। मीडिया से सहयोग की अपील की मीडिया की भूमिका पर एसपी चव्हाण ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने तथ्यात्मक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बालोद पुलिस महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।