Business

AI इंपैक्ट समिट में बिल गेट्स के आने पर सस्पेंस, एप्सटीन विवाद से जुड़ा है नाम

February 15, 2026 827 views 1 min read
AI इंपैक्ट समिट में बिल गेट्स के आने पर सस्पेंस, एप्सटीन विवाद से जुड़ा है नाम
दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक एआई इंपैक्ट समिट, वैश्विक नेताओं की भागीदारी; जेन्सेन हुआंग नहीं होंगे शामिल, बिल गेट्स पर सस्पेंस
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक एआई इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित वैश्विक सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सामाजिक, आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, नीति-निर्माता, टेक उद्योग के दिग्गज और स्टार्टअप संस्थापक हिस्सा लेने वाले हैं।



किन मुद्दों पर होगी चर्चा?


समिट के दौरान निम्न प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे—


* शासन और सार्वजनिक सेवाओं में एआई का उपयोग
* हेल्थकेयर, शिक्षा और कृषि में एआई समाधान
* डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और एआई नियमन
* एआई और रोजगार के अवसर
* वैश्विक सहयोग व नैतिक एआई फ्रेमवर्क


भारत सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप, एशिया और मध्य-पूर्व के कई देशों के शीर्ष नेता भी इसमें भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य भारत को एआई नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना बताया जा रहा है।

---


Jensen Huang नहीं होंगे शामिल


दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग इस समिट में हिस्सा नहीं लेंगे। सूत्रों के अनुसार, व्यस्त वैश्विक कार्यक्रम और पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण उनकी अनुपस्थिति रहेगी। एआई चिप और कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी में अग्रणी भूमिका निभाने वाली एनवीडिया की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।


---


Bill Gates के आने पर सस्पेंस

दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और टेक परोपकारी बिल गेट्स के शामिल होने को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि उनकी उपस्थिति अंतिम समय में तय हो सकती है। यदि वे शामिल होते हैं, तो एआई के सामाजिक प्रभाव और विकासशील देशों में तकनीकी विस्तार पर उनका संबोधन खास आकर्षण होगा।

---


भारत के लिए क्यों अहम है यह समिट?

भारत तेजी से एआई इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। स्टार्टअप्स, सरकारी डिजिटल मिशन और निजी निवेश के कारण देश वैश्विक टेक मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ऐसे में यह समिट—

* विदेशी निवेश आकर्षित करने,
* वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने,
* और भारत को एआई हब के रूप में स्थापित करने—
की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक रूप से भी भारत के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।