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संतान की सलामती के लिए रखा निर्जला व्रत, शंकरघाट में की पूजा
संतान की सलामती के लिए रखा निर्जला व्रत, शंकरघाट में की पूजा
भास्कर न्यूज | अंबिकापुर संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ महिलाओं ने जीवितिया का निर्जला व्रत रखा। शाम को महिलाएं शंकरघाट पहुंचीं और नदी में स्नान कर व्रत की परंपरा निभाई। एक साथ महिलाओं के शंकरघाट पहुंचने से घाट पर आस्था और भक्ति का मनमोहक नजारा नजर आया। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद भी महिलाओं के चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि संतान के मंगल की कामना और आस्था की चमक दिखी। स्नान के बाद महिलाएं घर लौटीं, जहां रात में घर और मंदिर में जीवितिया की पूजा की। मां की ममता का सबसे कठिन व्रत जीवितिया व्रत में माताएं संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित उत्तर व मध्य भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है।